किसान आंदोलन सिंधू बॉर्डर से अभी अभी बड़ी खबर | मचा हड़कंप

थी वहीं इस प्रोटेस्ट को भी ख़बर आ रही है बताया जा रहा है कि सिंधु बॉर्डर पे आप सभी जानते होंगे कि जो किसान है प्रोटेस्ट कर रहे हैं और इस बीच पुलिस की तरफ से बड़ी कार्रवाई की गई है साथ ही साथ बताया जा रहा है हर ख्याला के अंदर किसानों और जो अन् य लोग हैं वहाँ के उन के बीच झड़प हुई है साथ ही साथ है

यूपी से कृषि कानून को लेकर की बड़ी अपडेट एक एक करके सभी खबरों के बाद यदि आपको विस्तार से जानकारी देंगे उससे पहले छोटी सी ड्रेस अगर आपको भी लगता है तो आज हमारा जो अन्यथा सड़कों पर सरकार को चाहिए कि उनकी मांगे पूरी करें और जीस तरह से दिल्ली में घटनाओं या उसकी स्पष्ट जांच होनी क्या अगर आप भी ऐसी मांग करते हैं

तब वीडियो को लाइक शेयर शाम को संस्कृत जरूर करनी चाहिए आप सभी जानते होंगे छब्बीस जनवरी के दिन ट्रैक्टर ट्रॉली के दौरान दिल्ली में हुई घटना की बात से पुलिस प्रशासन किसान आंदोलन कारियों पर काफी था रवैया अपना रही है एक ओर जहाँ मेरठ के बड़ौत में चालीस दिन से चल रहे प्रदर्शन को पुलिस ने बीती रात बताया जाता है कि खत्म कराया है

वहीं यूपीए एक पर आंदोलन स्थित स्थल की बिजली का दी गई थी लेकिन अब जो ख़बर आ रही है उससे भी ज्यादा चौंका देने वाली है बिजली कटने के बाद डेरा होने के चलते गिरफ्तारी के डर से किसानों ने खुद को रात में जगाकर बताया कि पहला दिया है लेकिन के साथ ही साथ सिंधु बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ाई गई है

और बताया जा रहा है आंदोलन कार्यों के ख़िलाफ़ हुआ प्रदर्शन दिल्ली पुलिस ने सिंधु बॉर्डर पर आज सुरक्षा बढ़ाई है ढंग से निपटाने के लिए सुरक्षा बलों ने अभ्यास किया है लेकिन अचानक दिल्ली में सिंधु बॉर्डर पर जो किसान प्रोटेस्ट कर रहे थे वहाँ पर बताया जा रहा है कि पुलिस बारीकी करने पहुँच गई है बताया जा रहा है

कि पुलिस के द्वारा अब किसान आंदोलन को पूरी तरह से पहनके खत्म कराने की कोशीश की जा रही थी इसी के चलते सिंधु बॉर्डर पर अचानक हलचल तेज हो गई है बैटिंग करनी वहाँ पर पुलिस पहुँच गई है जिसके चलते जो है अब किसानों में काफी गुस्सा भी है और किसान अब जहाँ एक तरफ आंदोलन करने पर जुटे हुए हैं वहीं दूसरी तरफ पुलिस अपना सख्त रवैया अपनाती दिखाएं रही है अब देखना ये होगा जब पुलिस बैरिकेटिंग करने के लिए पहुंची है तो इसमें आखिर आगे क्या होता है लेकिन बड़ी बड़ी ख़बर आ रही है

बताया जा रहा है कि पुलिस प्रशासन ने देर रात किसानों से धरना स्थल खाली करवाया इससे पहले दिन जो है किसानों और प्रशासनिक अधिकारियों की वार्ता बेनतीजा रही थी थी लेकिन रात को राज्यों है बहुत में चल रहे किसानों के आंदोलन पर पुलिस प्रशासन के साथ जाने की अनुमति अपनाते हुए रात को साढ़े ग्यारह बजे

किसानों पर जो है अब बल प्रयोग किया जिसके चलते किसानों को उस जगह को छोड़कर जाना पड़ा तो कहीं न कहीं यह भी एक बड़ी अपडेट है बताया जा रहा है कि पुलिस फोर्स ने लाठियां हड़ताल किसानों को दोहराया है जिसके चलते किसानों ने अपने प्रदर्शन को खत्म किया है

इससे पहले बुधवार दोपहर एसडीएम दुर्गेश बढ़त के कक्ष में पता चला कि एडीएम अमित कुमार और एएसपी मनीष कुमार विश्वास ने किसानों के प्रतिनिधि थांबेदार ब्रजपाल सिंह चौबीस ई खां चौधरी सुभाष चन्द्र सिंह जैसे कई लोगों के साथ बैठक की थी लेकिन इस बैठक में कही ना कही कोई न पिज़्ज़ा नहीं निकल पाया जिसके चलते पुलिस ने यह कार्रवाई की है

बुधवार देर रात को हथियारबंद पुलिस बल लेकर वहाँ पर पहुँच गया और किसानों में इसको लेकर भगदड़ मची थी बहुत में धरना देने किसानों से बुधवार दिन में का भी नतीजा होने के बाद पुलिस का कहना है कि उसके बाद ये जो है कार्रवाई की गई है तो ये अब नया मामला सामने आया हरियाणा से बड़ी ख़बर है बताया जा रहा कि हरियाणा में जो किसान हैं

अपना फोकस कर रहे थे लेकिन वहाँ पर कुछ लोकल लोग पहुंचे और किसानों को वहाँ से हटाना शुरू कर दिया जिसके चलते हरियाणा के अन्दर भी हाथापाई की नौबत आ गई है मैं आपको बताना चाहता हूँ हरियाणा के सोनीपत में नेशनल हाइवे चवालीस यानी की एम स्पोर्ट फोर्ड पर गुरुवार दोपहर गांव रसोई के पास आन्दोलन वस्त्र के स्थानों और आसपास के गांव के किसान के बीच टकराव की स्थिती बन गई है

आटे रहना और मनाली सहित आसपास के गांवों से दर्जनों के साथ तो इससे आगे रोमन कोर्ट के पास से गांव में जाने के लिए रास्ता खोलने की मांग कर रहे थे काफी देर तक हंगामा और आंदोलन में शामिल सैकड़ों किसानों के जुटने की बात आस पास के गांव में आए किसान लौट गए अब उन्होंने प्रशासन से मामले में कार्रवाई करते हुए रास्ता देने की मांग कर दी है

बताया जा रहा है कि कृषि कानून के विरोध कृषक दिनों से कुंडली बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन जारी है लेकिन छब्बीस जनवरी के बाद घटना हुई है उसके बाद लगा था जो लोग अपना प्रतिघंटा चला रहे थे किसानों को लेकर है जो लोग करियर साथ नहीं बात कुछ और है वे अपने मंसूबे में कहीं न कहीं कामयाब होते हुए दिखाई दे रहे हैं जैसा कि सोशल मीडिया के ज़रिए बहुत सारे लोग आरोप लगा रहे हैं और बताया जा रहा है

जिसके चलते हरियाणा हो चाहे उत्तर प्रदेश हो चाहे फिर दिल्ली हो कही भी वो हर जगह से आप किसानों की आंदोलन को जबरदस्ती हटाने की कोशीश जारी हो गई है वहीं गणतंत्र दिवस में दिल्ली में जो कुछ भी हुआ है इसको लेकर के उत्तराखंड के किसानों में काफी गुस्सा है

अगर तंदुरुस्त किसान आंदोलन की आग में नई दिल्ली में हुए उपद्रव तोड़फोड़ और लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज के अपमान को लेकर के देव गोभी के किसानों संगठनों में आक्रोश है उन्होंने उन्होंने कहा कि संसार करने वाली घटना कड़े शब्दों में निंदा करते हैं इस साल संगठनों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि घटना की नी

से मांग किया कि घटना की निष्पक्ष जांच करायी जाए और उद्योगों को चिन्हित करके उनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए कृषि कारणों को लेकर ये मामला बहुत ज्यादा सम्वेदनशील हैं क्योंकि किसान इससे पहले पीसफुली अपने प्रोजेक्ट को अंजाम दे रहे थे और बहुत ही बीस पुलिस को अपनी मांग को उठा रहे थे

लेकिन गणतंत्र दिवस के दिन जो कुछ भी हुआ जिसतरह से भी हुआ इसके स्पष्ट जांच हो ये जो है उस प्रखंड के किसानों ने मांग की है और पता चला कि इस घटना को लेकर किसानों के बीच काफी दिनों से काफी गुस्सा है अब देखना आगे होगा कि क्या दिल्ली पुलिस यानी की देश की गृह मंत्री अमित शाह जी के अंडर में जो पुलिस आती है वो इस घटना की है जी एक बड़ा मामला है लेकिन एक बड़ा सवाल है यह है

कि जब किसान सड़कों पर विचार के पीछे अपने प्रोजेक्ट्स को अंजाम दे रहे थे तो आखिर वो कौन से लोग हैं जिन्होंने कृषिक कानून पर धरना दे रहे किसानों को बरगलाया हो या फिर उनकी आड़ में अपनी साजिश को अंजाम दिया हो यह बात कही का मामला है आप निष्पक्ष जांच दिल्ली पुलिस के हाथ में है दिल्ली पुलिस देश के गृह मंत्री हमें शादी के हाथ में आती है

आप लोगों ने देखा होगा सिंह राशि को लेकर किसी तरह का मामला हुआ और तू मामला यहाँ तक पहुँच गया है कि हरियाणा के अन्दर बताया जा रहा है कि कुछ गांव के लोग जाकर के किसानों से भेज रहे यानी कि जीस तरह से वहा पर मामला हुआ सीए के दौर में उसी तरह से यहाँ पर भी अब हर तरह से कोशीश जा रही है

कि किसी तरह से किसानों के आंदोलन को बदनाम कर के और इसको जो है बंद करा जाए आपको अपनी इस प्रकार हैं नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी रैंक को आप जरूर शेयर करें साइट करियर और किसानों के लिए तो शक जरूर लिखें तो आजकल इतना ही दोस्त मिलते कुछ और खबरों के साथ देखते हैं ऑनलाइन जानकारी होनी चाहिए