कृषि कानून खिलाफ BJP में बगावत | कई नेताओं इस्तीफा | हड़कंप

बड़ी खबरों के साथ सबसे पहले जो बड़ी खबरें व कृषि कानून के ख़िलाफ़ अब बीजेपी के अंदर भारी बगावत शुरू हो गई है दरअसल बीजेपी के कई नेताओं ने इससे पहले आप पार्टी से इस्तीफा दे करके या तो दूसरी पार्टियों का दामन थाम लिया या फिर उन्होंने पार्टी से ही इनकी पार्टी को ही स्थित छोड़ा लेकिन इस कड़ी में अब एक ओर वा का मामला शामिल हो गया है

जिससे मोदी सरकार को बड़ा झटका लगा है दूसरी बड़ी खबार खाप चौधरियों ने आप कृषि कानून के ख़िलाफ़ एक बड़ा आला दान कर दिया है जिसके चलते आगे सरकार की मुश्किलें और भी बढ़ सकती हैं ट रैंकिंग की आड़ में दिल्ली में जो घटना हुई है

यानी की जो आराजकतत्वों आए थे उनको लेकर बड़ा खुलासा हुआ साथ ही सत्रह की स्टिक आयत का एक बड़ा ऐलान चार बड़ी खबरें आपके सामने रखेंगे करके उससे पहले छोटी सी रिक्वेस्ट और आपको भी लगता है जो आज हमारा अन्यथा संघों पर बैठा हुआ है

और पीसफुली प्रोटेस्ट कर आवश्यक के प्रोटेस्ट के अंदर जीस तरह से जो अराजक तत्वों आ करके उनके प्रवेश को बदनाम करने की कोशीश की गई है उसकी स्पष्ट जांच होनी चाहिए अगर आप भी ऐसी मांग करते हैं तो वीडियो पर लाइव करके चैनल को सब्सक्राइब जरूर करनी चाहिए मोदी सरकार के दौरान बनाए गए तीनों कृषि कानून के खिला जहाँ एक तरफ विपक्षी पार्टियां विरोध कर ही रही साथ ही साथ देशभर के लाखों किसान इस कानून के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतर आए हैं

जिसके चलते सरकार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है और कई दलों ने इस मामले पर बीजेपी का साथ छोड़ दिया शिरोमणि अकाली दल हो चाहे फिर जो आप के कई और नेता हूँ उन्होंने एनडीए से नाता तोड़ दिया और अब इस कड़ी में हरियाणा के भाजपा नेता और पूर्व विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया ने केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे किसानों के साथ एकजुटता दिखाते हुए रविवार को सत्तारूढ़ पार्टी यानी की बीजेपी का साथ छोड़ दिया है बीजेपी से इस्तीफा दे दिया है

दोनों पुनिया ने दो हज़ार उन्नीस के लोकसभा चुनाव से पहले इंडियन नेशनल लोकदल छोड़ भाजपा का दामन थामा था लेकिन जीस तरह से सरकार ने कृषि कानूनों को लेकर वे रवैया अपना रखा है जीस तरह से किसान प्रोटेस्ट कर रहे हैं उनके प्रोटेस्ट को समर्थन करते हुए यानी कि के दौरान खुल्या चाहिए यदि बलवानसिंह दौरान पुलिस पूर्व विधायक बीजेपी के हैं उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है

उन्होंने आज अपने गांव दौलतपुर में आयोजित पंचायत में अपने फैसले की घोषणा की है उन्होंने बाद में और दाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि तीनों प्रसिद्ध कानूनी किसान विरोधी हैं जिन्हें तत्काल चाहिए की सरकार वापस ले उन्होंने फेसबुक पोस्ट में लिखा था कि आज किसान भाइयों की दशा देख कर

भाइयों की दशा देखकर मन बहुत दुखी है क्योंकि ऐसा नहीं हो सकता कि दादा रोहित कुत्ते को दर्द न हो लेकिन जीस तरह से सरकार ने पूरी तरह से इन अन्नदाताओं को नज़रअन्दाज़ किए है ये कहीं ना कहीं ठीक नहीं है जो की उनको स्पेशल ये बात अच्छी नहीं लगी जिसके चलते उन्होंने पार्टी पद से इस्तीफा दे दिया है

तो यह कहीं ना कहीं एक बड़ा झटका बीजेपी और मोदी सरकार के लिए है कि लगातार कई नेताओं में इस मामले पर बीजेपी से बगावत करते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और इस कड़ी में एक ओर नेता शामिल हो गया है चलिए बात करते हैं दूसरी बड़ी खपत की दूसरी बड़ी ख़बर है

आप चौधरियों का मोदी सरकार के ख़िलाफ़ एक बड़ा एलान आप सभी जानते होंगे कि दिल्ली में लाल किले की घटना के और ऐसा लगरहा था कि किसान आंदोलन पूरी तरह से ठप हो जाएगा उसको जो हैं और कहीं न कहीं अब वो पूरा खेल पलट दिया किसानों पर लाठीचार्ज के विरोध में आ खुद महापंचायत में आप चौधरियों ने पूरी ताकत के साथ कदम से कदम मिलाकर खड़े होने का ऐलान किया है बताया जा रहा है

कि गाजीपुर बॉर्डर कुछ करने का साथ चौधरियों ने ऐलान कर दिया है जिनके साथ लगभग एक लाख ज्यादा किसान शामिल हैं केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकारों की सलाह सांसदों विधायको के ख़िलाफ़ भी नाराजगी उन्होंने जताई आने की उत्तर प्रदेश सरकार के ख़िलाफ़ भी है ये लोग दिल्ली सहारनपुर हाइवे पर बढ़ावा में जो है

सर्व खाप चौधरियों की अगुवाई में महापंचायत हुई है बढ़त में किसानों पर लाठीचार्ज गाजीपुर बॉर्डर भाजपा विधायक की हरकत पर कड़ी नाराज़गी जांच जारी इन लोगों ने किए सात पाँच पांच घंटे चली महापंचायत में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी बताया जा रहा है कि देश खाप के चौधरी सुरेन्द्रसिंह चौगामा साथ चौधरी कृष्णा राणा जैसे कई नेताओं ने अपनी सानों को अपना समर्थन दे दिया है और उन्होंने यह ऐलान कर दिया है कि गाजीपुर बॉर्डर हो जायेंगे यदि आप चौधरियों ने भी गाजीपुर बॉर्डर कुछ करने का ऐलान किया है

जिसके चलते किसानों को इसका बड़ा समर्थन मिलेगा और उनकी जो कई प्रोटीन्स की ताकतों की ओर बढ़ेगी तो ये एक और नया मामला सामने आया बात कर लेते है दिल्ली में इस तरह की घटना हुई आप लोगों ने देखा पूरे देश में लिखा पूरी दुनिया ने देखा ट्रैक्टर ट्रॉली की आड़ में कुछ अराजक तत्वों ने किस तरह से हिंसा की और इस मामले पर अपने नए खुलासे होते जा रहे गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर ट्रॉली की आड़ में दिल्ली में अभिनेता के पीछे बड़ी साजिश निकल कर सामने आ रहे

मामले में जांच में जुटी क्राइम ब्रांच के सूत्रों की मानें तो दिल्ली में ट्रैक्टर पर सवार उपद्रवी पूरी प्लानिंग के साथ दिल्ली के अंदर घुसे थे पुलिस से बचने के लिए उन्होंने हथकंडा

तरीकों से छिपा रखा एक नया खुलासा हुआ है इसमें बताया जा रहा है कितना नहीं ट्रैक्टर पर सवार होकर जो लोग दिल्ली में घुस कर लालकिला आइटीओ नाली बाबा हरिदास नगर पांडव अगर मुकरबा चौक और जगहों पर उत्पात मचा रहे थे उनके ट्रैक्टरों में जो है नंबर प्लेट भी नहीं थी यानी कि फर्जी नंबर के ट्रैक्टर ये लोग लेकर गाये थे और ट्रैक पर लाने के बाद उन्होंने दिल्ली में मुर्दा मचाया लेकिन सबसे बड़ा जो सवाल पैदा होता है वो ये कि देश के गृह मंत्री अमित शाह ने जो है

और उनके अंडर में जो पुलिस आती है जो एंटी इंटेलीजेंट इंजन सी आती है आखिर वो क्या कर रही थी क्या उनको थोड़ी भी भनक नहीं लगी या जो सोशल मीडिया को मॉनिटर करने वाला ग्रुप है जो इंटेलीजेंट है की उनको सोशल मीडिया के जरिए से क्या मैसेजिंग वगैरह के इन्फोर्मेशन नहीं थी या फिर इस तरह की चीजें नहीं मिली होगी ये एक बड़ा सवाल है

लेकिन इस पर अभी तक कोई बात करने के लिए तैयार नहीं है कोई जवाबदेही नहीं होता है है अब देखना यह है कि दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच जो इस मामले की इन्वेस्टिगेशन कर रही है वो अपने यूनिवर्सिटी के समय जो ये देखने वाली बात है एक और बड़ी अब दबाए के संपादक सिद्धांत व व राजन के ख़िलाफ़ रामपुर में एक एफआईआर दर्ज कर दी गई है

बता चला है कि दिल्ली हिंसा और हम अतीत करने का आरोप था खासकर के दबाएँ और एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म जहाँ पर हार्ड बताया जाता है यानी की जो रियल स्टोरी की उसके बारे में प्रमोशन दी जाती है और दिल्ली की उन्होंने कांग्रेस की होगी कुछ चीजें हैं जो मालूम है

कुछ लोगों को पसंद नहीं आई होगी जिसके चलते ये सारा मामला हुआ है आइपीसी की धारा एक सौ तिरपन बी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर दी गई है सफायर के ऊपर