मोदी सरकार एक और नया कानून | अभी अभी एक और आंदोलन शुरू

कुछ और बड़े खबरों के साथ सबसे पहले जो बड़ी खपत अभी तक तो देश में आलस के द्वारा बनाया गया राष्ट्र स्वयंसेवक अब मोदी सरकार ने उसी की तर्ज पर एक और समूह बनाने का ऐलान कर दिया है जिसके बाद सोशल मीडिया से लेकर के बहुत सारे लोग सकते में आ गए क्योंकि जिसतरह से लोगों की नियुक्ति की जा रही है और जिन कामों के लिए की जा रही थी इससे कहीं ना कहीं बहुत सारे लोग मानते हैं

कि सोशल मीडिया के जरिये लोग अपनी आवाज़ को बुलंद करते है और इस तरह से सरकार के ख़िलाफ़ हो पाते हैं उस पर अब लगाम लगाने की तयारी शुरू कर दी गई है किस तरह से क्या क्या प्रोसेसर किया जा रहा है विस्तार से बताएंगे उसके बाद कृषि कानून के ख़िलाफ़ जहाँ एक तरफ अभि प्रदर्शन चल रहा है वहीं दूसरी तरफ एक ओर आंदोलन की शुरुआत होने जा रही है जिससे मोदी सरकार की मुश्किलें लगाओ कार बढ़ती जा रही है साथ ही साथ विद्रूप कानपुर में विकास दुबे मामले के बाद एक और नई घटना आप कासगंज में हुई है

इसकी भी जानकारी देंगे जहाँ पर योगी आदित्यनाथ की पूर्व खुल गई है एक एक करके सभी खबरों के बारे में जानकारी देगा उसे अलग छोटी सी रिक्वेस्ट अगर आपको भी लगता है तो आज हमारे देश में जीस तरह से लोग बेरोजगार हैं सगाई बढ़ रही है जीडीपी वायरस में पड़ी हुई है सरकार को इंसानी चीजों पर काम करने की जरूरत है

अगर आप भी इस्तेमाल करते हैं तो वीडियो को लेकर के चालकों सफाई जरूर करनी चाहिए वैसे तो जो पहले ख़बर राष्ट्रीय स्वयं सेवक के तंज पर जो हैया उसी के आधार पर एक और फौज तैयार की जा रही है दरअसल देश की ये बताया जा रहा है देश की स्पोर्ट साह के ख़िलाफ़ महिलाओं और बच्चों से दुर्व्यवहार और कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की और भगवान दिखाने वालों की संख्या है

सरकार ने इसे रोकने के लिए खासी तैयारी शुरू की और सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट पर नजर रखने और उसे रोकने के लिए मदद के लिए सरकार ने आम लोगों को साइबर अपराध स्वयंसेवक के तौर पर खुद को रजिस्टर करने की बात कही है यानी खुद को आप जोय रजिस्टर कर सकते हैं आप लोगों ने देखा होगा कि बजरंग दल में बहुत सारे ऐसे लोग हैं

जो काम के लिए उसकी रथ आशा के लिए बहुत सारे डिहाइड्रेशन बनी हुई है और उन्होंने किस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया ये भी आप लोगों ने देखा है की इस पहल को इंडियन साइबर क्राइम को डोनेशन सेंटर आइओसी का नाम दिया गया है बताया जा रहा है कि आतंकवाद से प्रभावित जम्मू कश्मीर में पिछले सप्ताह

अभी जम्मू कश्मीर में पिछले सप्ताह की शुरुआत की गई है जहाँ पुलिस ने एक सर्कुलर जारी कर लोगों से स्वयंसेवक के तौर पर रजिस्टर करने के लिए कहा है साथ ही साथ स्वयंसेवकों से भारत की बुद्ध संप्रभुता और अखंडता के ख़िलाफ़ देश की रक्षा राज्य की रक्षा और मित्र देशों के ख़िलाफ़ पोस् ट सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों वाले या फिर बाहर लूटनेवाले संबंधित के ख़िलाफ़ नजर रखने को कहा गया है इसमें रजिस्ट्रेशन का प्रोसेसर भी बताया प्रदर्शन कैसे कर सकते हैं

इसकी भी जानकारी दी गई है वहीं साथ ही साथ बहुत सारे लोग इस बात का शक जताने लगे हैं ये जो स्वयंसेवक तो ये तय करेंगे कॉंग्रेशनल है और एंटी नेशनल है आप सोचे स अगर आप बीजेपी के ख़िलाफ़ बोलेंगे तो ये लोग उसको फ्राई कर देंगे और ये बता देंगे कि ये एंटी नेशनल्स है या फिर ये नेशनल सबसे क्या आपको लगता है इस तरह की चीजे ठीक है कोई आदमी बिना पोस्ट के बिना किसी चीज़ की संपत्ति है

इस तरह की चीजें तय कर सकता है जिससे सात से आठ लोगों ने देखा होगा देश में अगर आप सत्ताधारी पार्टियों के ख़िलाफ़ बोलते हैं तो आपको एंटी नेशनल बता दिया जाता है और उसी के आधार पर यह गेशन तैयार किया जाता है अगर आप थोड़ी बात उनके ख़िलाफ़ बोलेंगे तो सीधे तौर पर आपको फ्लाई लिस्ट में डाल दिया जाएगा और आप उनकी नजर में एंटीनेशनल पहुंचाएंगे आप जो है सोशल मीडिया के उपर ये लोग नजर रखेंगे और सोशल मीडिया पर नजर रखने का मतलब यह है

फ्रीडम ऍफ़ स्पीच यानी सीधे तौर पर नहीं कर सकता आपको अपने क्या राय हैं नीचे कमेंट बॉक्स में आप अपनी डाइट में जरूर चेक कर लिया बात करते दूसरी ओर खड़े करती है आप सभी जानते होंगे कृषि कानून के ख़िलाफ़ आज पूरे देश के साथ सको पर है वहीं अमेरिका और आंदोलन की शुरुआत होने जा रही है दरअसल पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर देशभर में चल रहे कर्मचारियों का संघर्ष अब वास्तव जा रहा है

जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के बैनर तले देशभर के कर्मचारी अधिकारी एकजुट होकर के विभिन्न तरीकों से पुरानी पेंशन बहाल करने की बात करने लगे हैं और युवा तेज होने लगी है

राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव विरेन्द्र दुबे ने बताया कि छत्तीसगढ़ में भी पुरानी पेंशन बहाली के आंदोलन और तेज होगा केंद्र सरकार को शीघ्र ही नई पेंशन नीती को समाप्त कर पुरानी पेंशन बहाली करनी होगी यानी की

की होगी यानी की जो विचारे पहले के लोग पेंशन को मिल रही थी कुछ दिन पहले नियम बनाया गया कि उनको पेंशन नहीं दी जाएगी ठीक है जांच के बाद जो लोग नहीं थे उनकी यह बहुत सारे लोग ऐसे थे और इस पर आप लोगों की मौत लगातार बढ़ती जा रही है उनका मानना है कि पुरानी पेंशन बहाल की जाए और अगर यह पेंशन बाहर नहीं की जाती है

तो हम अप में अभी तक तो छुट ऐसे प्रोटेस्ट चल रहे हैं बहुत सारे राज्यों में छत्तीसगढ़ है या अन्य राज्यों में और यह बताया कि पूरे देश में लगा था आप तेजी पकड़ते हुए दिखाई दे रहे मगर इस तरह की चीजें होती हैं

तो सरकार के लिए एक और नई मुसीबत खड़ी हो सकती है आपको अपने पर विचारण नीचे पड़ोसन अपनी आय को जरूर शेयर कर ये बात करे और एक नंबर के वैसे तो कासगंज में जो घटना हुई है वह बिदरो के तौर पर हुई है

आप सभी जानते होंगे उत्तर प्रदेश में खासकर जाता है और कासगंज में योगी आदित्यनाथ की बीजेपी सरकार है और यह दावा जाता है जब से बीजेपी की सरकार आई है तब से लगातार करप्शन तो कम ही होगा साथ ही साल ऑर्डर भी पूरी तरह से मेंटेन हो रहा है लेकिन लोडर की सच्चाई इस तरह की घटनाएं खोलती है

इससे पहले हरपुर के अंदर विक्री यानी की विकास दर का मामला अपलोड देखा होगा किस तरह से पुलिस डिपार्टमेंट के ऊपर क्या घटना हुई थी और अब कासगंज में हुई सिपाही घटना मामले में पुलिस ने आरोप को कासगंज के सिढ़पुरा थाना क्षेत्रों में हैं

जहाँ पर बताया जा रहा है कि पुलिस डिपार्टमेंट के लोग हमारे देश के सिपाही वापस पहुंचे तो उन लोगों ने पुलिस के ऊपर धावा बोल दिया जिसमें एक पुलिस डिपार्टमेंट के हमारे जवान हमारे बेचने के साथ ही साथ कई और इंजरी हुए हैं

और आरोपी भी ख़ैर अंजाम तक पहुंचा दिया लेकिन सवाल सबसे बड़ा ये अगर योगी आदित्यनाथ सरकार के दावे करती है कि उत्तर प्रदेश के दल वार्डों में मेंटेन है ताकि लौटने पर इस तरह के लोग किस तरह से शाला को संस्कृत जरूर करें