Breaking | बीजेपी में भयंकर बगावत | हजारों नेताओं का इस्तीफा | कृषि मंत्री का बड़ा ऐलान

प्रकृति कानून को लेकर जहाँ एक तरफ लगातार किसान प्रदर्शन कर रहे हैं वहीं दूसरी तरह अब बीजेपी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है दरअसल बीजेपी के कई के नेताओं में कृषि कानूनों के अलावा भगवत् करके पार्टी से इस्तीफा दे दिया और आप बीजेपी को एक और बड़ा छुटकारा

आपको हम आगे वीडियो दिखाएंगे आप देखेंगे कि इस वीडियो के अंदर किस तरह से बीजेपी के कार्यकर्ताओं और कई नेताओं में पार्टी से इस्तीफा देकर के किसानों के समर्थन में आकर एक प्रदर्शन स्थान पर शामिल हुए पहले आप इस वीडियो को देखेंगे उसके बाद आगे चर्चा करेंगे उससे पहले छोटी सी रिक्वेस्ट अगर आपको भी लगता है तो उसको आज हमारा देश को अच्छे हॉस्पिटल फैसलिटी अच्छी शिक्षा युवाओं को रोजगार अच्छे है की जरूरत है अगर आप भी इस्तेमाल करते हैं तो वीडियो को लाइक करें चैनल को सब्सक्राइब जरूर करेंगे सबसे पहले इस वीडियो को बात करनी है

उसके बाद हम आगे बात भी चल रहा है और आप देख सकते हैं कि बड़ी तादाद में गाजीपुर बॉर्डर पर पशु दाएँ पश्चिमी उत्तर प्रदेश उत्तरांचल और अलग अलग जगहों से यहाँ पर लोग लगातार आ रहे मेरे साथ ये दो लोग हैं जो काफी ख़ास है आशीष मिश्रा जी है जो कि सीतापुर से है और प्रबल प्रताप सिंग साहित्य है जबकि गोरखपुर से हैं हम इन दोनों लोगों से बात करते हैं कि आखिर ये लोग अपने आप को यह भी कहते हैं

कि हम बीजेपी में थे लेकिन किसानों के चलते हमने बीजेपी को पार्टी को छोड़ा अच्छा बीजेपी में थे सीतापुर में की आप का कहना है कि किसान के मुद्दों पर अपने बीजेपी को छोड़ दिया अच्छा तो ऐसा क्या रहा है क्यों बीजेपी की नीती आपको लगता है किसानों के सवालों के साथ जो अत्याचार उनको बताना देश वही जो जय जवान जय किसान का नारा चले थे उन्हीं को देश को ही करना सबसे शर्मनाक घटना है

लोकतंत्र में गर्दन दिवस मनाने देना इस प्रदर्शन की बात नहीं होती थी इसलिए मैने उन्नीस तारीख को भारतीय जनता पार्टी को छोड़ने का निर्णय लिया अपने समर्थकों के साथ अच्छा अच्छा आपने साइट छोड़ दिया मैने नौ जनवरी को यहाँ आके छोड़ा था ही स्तीफा दिया इस्तीफा भेज दिया लेकिन पहले तो कृषि कानूनों में इस तरीके से उन्होंने प्रावधान किया वो सारे के सारे कॉन्सर्ट के फायदे मंद फायदे के लिए है और स्थानों के ख़िलाफ़ एक तो जो मंदिरों में नहीं ला रहे हैं .

उनमें से किसानों को कर्ज मिलने वाले आने वाले भविष्य में और दूसरा जो आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन किया है उसे अनलिमिटेड शॉपिंग या सीमित भंडारण उसे आने वाले समय में सबसे साई कुमार अपने मिडिल क्लास यानी मध्यम वर्ग के लोगों को होने वाला है और पीडीएस सिस्टम भी आने वाले समय में गरीबों को मिलने वाले वो भी खत्म दूसरी ओर मर्यादित आ जो अमर्यादित भाषा का प्रयोग अपमानजनक भाषा का प्रयोग भारतीय जनता पार्टी के लोग ने किया वो भी मुझे ठीक नहीं लगा आदित्य कहना चाहता हूँ कि भारतीय संस्कृति का वाहक किसान होता है

पाकिस्तान का अपमान कहीं न कहीं भारतीय संस्कृति और दर्शन का पानी जो भारतीय जनता पार्टी कर रहे हैं निश्चित तौर पर रियो को देखा इस वीडियो में आप लोगों ने देखा होगा एक पत्रकार सा पूछ रहे की आप कौन सी पार्टी से इसलिए पार्टी को छोड़ तो किसानों ने किस तरह से जवाब दिया आप खुद ही सुन चूके होंगे तो यह हाल हो चुका है बीजेपी का रस

चुका है बीजेपी का ऋषिकांत लेकिन उसके बावजूद दिल्ली में जो तयारी चल रही है कि वे ठोक रहे हैं बैरिकेटिंग की जा रही है किसानों के प्रति इस तरह कार्रवाइयाँ था बात करते हैं और बड़ी ख़बर कि आप इस ख़बर को भी देखे वहाँ से देखिये पंचायतों में एक बड़ा फैसला लिया दरअसल लगातार प्रतिष्ठानों के ख़िलाफ़ चल रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर के पंचायक जा रहे हैं लेकिन इस बीच एक ओर जहाँ पंचायत हुई इसमें सरकार और कानून के अलावा किसानों में एक बड़ा ऐलान कर दिया है

इस आंदोलन को मजबूती पर काम करने के लिए पानी पर जिले के नौल्था खंड के बारागांव के किसानों ने एक आज पंचायत का आयोजन किया है पंचायत में वाला था के लोगों ने एकत्रित होकर के निर्णय हैगांव के अलग अलग हिस्सों से सिंधु बॉर्डर पर किसान आंदोलन में जाने की बजाए भारा आपकी कमेटी के नेतृत्व में किसान आंदोलन में भाग लेंगे पंचायत के लिए पंचायत के निर्णय के मुताबिक प्रत्येक गांव की कमेटी ने पांच लोगों को शामिल करने का ऐलान किया गया है

सिंधु का तरीका अलग तम्बू लगाने के खर्च की व्यवस्था का भी निर्णय लिया गया है इस पर पंचायत के लोगों ने आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों के लिए दो मिनट के लिए अपने स्थान पर खड़े होकर के श्रद्धांजलि भी अर्पित की है और यह बारगांव के किसानों ने मिल करके लगभग सारा लाखों रुपये का चंदा इकट्ठा किया है जिससे किसानों के प्रदर्शन में मदद की जा जा सके और यह कहीं लगाएं एक बड़ा ऐलान है

किसानों के दौरान आपको अपनी कृप्या नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी रैंक को जरूर चेक कर लिया है आपको एक और ख़बर दिखाते हैं इस ख़बर को भी देखें यहाँ पर देश के कृषि मंत्री जो लगातार रस्सी कानून को लेकर के अंदर तो यानी की है वहीं दूसरी तरफ आप उन्हें एक और बयान दे कर दस साल बताया जा रहा है

विवादों में घिरे तीन में कृषि कारणों को वापस लेने की मांग को लेकर वे कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी पार्टियों के सदस्यों के भारी हंगामे के कारण मंगलवार को लोकसभा शिकार आई बाधित रहे दो बार के स्थगन के बाद निचले सदन की बैठक दिनभर के लिए स्थगित की गयी विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण सदन में प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चलता था लेकिन उसके बाद सदन में हंगामे के बाद कृषि मंत्री ने जो बयान दिया है वो चौका देने वाला है

बताया जा रहा है कि किसान आंदोलन में जीतने भी किसानों की कैजरीवाल तेज हुई है इस पर ये मांग की रही थी कि सरकार को इन किसानों के लिए मदद की जाए यदि सरकार को मुआवजा दे हैं जिसपर कृषि मंत्री नरेंद्रसिंह तोमर जी ने साफ कहा है कि वे किसी भी किसान किसान

किसी को भी मौजूदा नहीं देखे यानी किसी भी कार्यस्थान को जो किसान आंदोलन में शामिल होता है जो हमारे बीच नहीं रहे हैं सरकार उनको वाजार लें देगी सोमवार को किसान संगठनों से बातचीत से संबंधित सवाल का भी जवाब दिया है.

सतह से उन्होंने साफ साफ कहा है कि हम बिल्कुल भी मौजूदा नहीं देखे निजी कहते हैं कि हम किसानों के लिए ये करेंगे वो करेंगे ऐसा करेंगे वैसा करेंगे जबकि जो किसान ठंड की वजह से और किसी को कुछ होगा किसी को कुछ होगा इस तारीफ प्रॉब्लम की वजह से जो हमारे बीच नहीं रहे उनके सामने युग्मित दी कि शायद सरकार को चुनौती दें लेकिन सरकार की तरफ से साफ कर दिया गया है कि किसी को कोई और किसी तरह का मौजूदा नहीं मिलेंगे अब हो सकता है कि सरकार किसानों को ले जाके कितनी गंभीर है

और कितना सोचती है जय जवान जय किसान का नारा दे करके और प्रधानमंत्री जी ने दो दिन पहले ही बयान दिया था कि ये जो बिल है किसानों के लिए बहुत अच्छा भी है इससे किसानों को बहुत मजबूती मिलेंगे जबकि किसान इस बिल को लेना चाहते हैं आप सोचेगा अगर आपको भूख लगी हो आप को खाना दे तब तो ठीक है

लेकिन अगर कोई जबरदस्ती आप को खाना और आप नहीं खाना चाहते फिर भी जबरदस्ती आपके मूवमेंट होते हैं तो आपको ये ठीक लगेगा शायद इसी तरह का हाल आज कृषि कानून को लेकर के आपने क्या हैं नीचे कमेंट बॉक्स में आप अपनी लाइफ को जरूर चेक करें और आप जिसतरह से आप लोगों ने देखा होगा कि बजट शक्कर भी है उसमें भी बजट के अंदर भी युवा के लिए बढ़ा दिए गए एक और एनपी कुछ कर के हाथ का नाम है उसका विरोध बढ़ा दिया है

और इसको लेकर भी आप के साथ लगातार कोसते हैं देखते हैं आगे क्या पता आपकी क्या राय है नीचे कौन से शेयर करें वीडियो को ज्यादा ज्यादा लाइक क्षेत्रीयता की इन्फोर्मेशन दूसरे लोगों तक पहुँच आजकल यही दोस्त मिलते कुछ और खप